धान की बिक्री के लिए पंजीकरण अनिवार्य, सरकार ने निर्धारित किया एमएसपी, इस तारीख से होगी खरीद शुरू
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| धान की बिक्री के लिए पंजीकरण अनिवार्य, सरकार ने निर्धारित किया एमएसपी, इस तारीख से होगी खरीद शुरू |
उत्तर प्रदेश सरकार ने धान खरीद वर्ष 2024-25 के लिए किसानों के पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया का शुभारंभ कर दिया है। इस प्रक्रिया के तहत, राज्य के किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। इस बार धान की खरीद के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 अक्टूबर 2024 से 31 जनवरी 2025 तक की अवधि निर्धारित की गई है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में यह अवधि 1 नवंबर 2024 से 28 फरवरी 2025 तक रखी गई है। किसानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे इस अवधि के भीतर अपनी फसल बेचकर उचित मूल्य प्राप्त कर सकें।
पंजीकरण प्रक्रिया: UP Kisan Mitra एप की भूमिका
इस योजना का लाभ उठाने के लिए, किसानों को अपने पंजीकरण की पुष्टि या नवीनीकरण की प्रक्रिया को पूरा करना होगा। इस प्रक्रिया को UP Kisan Mitra मोबाइल एप के माध्यम से किया जा सकता है, जिसे किसान आसानी से गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। पंजीकरण के लिए आधार से लिंक बैंक खाता और OTP सत्यापन को अनिवार्य किया गया है। इसके तहत, किसानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका बैंक खाता सक्रिय हो और उसमें पिछले तीन महीनों के लेन-देन का रिकॉर्ड उपलब्ध हो।
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न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और भुगतान प्रक्रिया
इस वर्ष धान की खरीद के लिए सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को तय किया है। धान के कॉमन ग्रेड के लिए समर्थन मूल्य 2300 रुपये प्रति क्विंटल और ग्रेड 'ए' धान के लिए 2320 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। सरकार का उद्देश्य यह है कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सके, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके। इस योजना के तहत, धान की बिक्री के बाद किसानों को उनके धान की कीमत का भुगतान सीधे उनके आधार लिंक बैंक खातों में किया जाएगा।
समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के प्रयास
किसानों को उनके धान की कीमत का भुगतान समय पर और सही तरीके से किया जाए, इसके लिए सरकार ने विशेष रूप से जोर दिया है कि किसान अपने बैंक खातों को सक्रिय रखें। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करें कि उनके खातों में पिछले तीन महीनों के लेन-देन का रिकॉर्ड हो। इस प्रक्रिया के माध्यम से, सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि किसानों को किसी भी प्रकार की दिक्कतों का सामना न करना पड़े और उन्हें उनकी उपज का सही मूल्य और समय पर भुगतान मिल सके।
हेल्पलाइन सुविधा: किसानों की सहायता के लिए
उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों की सहायता के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। यह हेल्पलाइन नंबर 1800-1800-150 है, जहां किसान किसी भी प्रकार की सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के साथ-साथ उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाना है। सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से किसानों की आय में वृद्धि होगी और उन्हें अपनी फसल बेचने में किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल राज्य के किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य और समय पर भुगतान भी मिल सकेगा। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे इस योजना का लाभ उठाने के लिए जल्द से जल्द अपने पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरा करें और सभी आवश्यक जानकारी सही-सही भरें।
उत्तर प्रदेश सरकार ने धान खरीद वर्ष 2024-25 के लिए किसानों के पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ देने का प्रावधान है। पंजीकरण और नवीनीकरण के लिए UP Kisan Mitra एप का उपयोग अनिवार्य है। पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए धान खरीद की अवधि क्रमशः 1 अक्टूबर 2024 से 31 जनवरी 2025 और 1 नवंबर 2024 से 28 फरवरी 2025 तक निर्धारित की गई है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कई उपाय किए हैं, जिसमें एक हेल्पलाइन नंबर भी शामिल है।

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