पेंशन कैलकुलेटर: यूपीएस बनाम ओपीएस के बीच 5 प्रमुख अंतर - जानें महत्वपूर्ण बातें
भारत सरकार ने हाल ही में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एकीकृत पेंशन योजना (UPS) की घोषणा की है। इस योजना का उद्देश्य 90 लाख से अधिक कर्मचारियों को पेंशन सुरक्षा प्रदान करना है। UPS और पुरानी पेंशन योजना (OPS) के बीच कुछ महत्वपूर्ण अंतर हैं, जो कर्मचारियों के लिए जानना आवश्यक है।
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| पेंशन कैलकुलेटर: यूपीएस बनाम ओपीएस के बीच 5 प्रमुख अंतर - जानें महत्वपूर्ण बातें |
यूपीएस और ओपीएस के बीच 5 प्रमुख अंतर:
पेंशन गणना में अंतर:
पुरानी पेंशन योजना (OPS) के तहत, पेंशन की गणना अंतिम बेस सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) के 50% के आधार पर की जाती थी।
इसके विपरीत, एकीकृत पेंशन योजना (UPS) में पेंशन की गणना पिछले वर्ष की औसत बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते के आधार पर की जाएगी।
इसका मतलब है कि UPS के तहत, कर्मचारी को उनके पिछले वर्ष के औसत वेतन और DA का 50% मिलेगा।
यदि किसी कर्मचारी को पिछले कुछ महीनों में प्रमोशन मिला है, तो पेंशन की राशि थोड़ी कम हो सकती है, क्योंकि यह पिछले वर्ष के औसत पर आधारित होगी।
कर्मचारी का योगदान:
UPS योजना के तहत, कर्मचारियों को पेंशन फंड में योगदान देना होगा, जो राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के समान है।
UPS में, कर्मचारियों का योगदान उनके बेसिक वेतन और DA का 10% होगा, जबकि सरकार का योगदान 18.5% होगा।
इसके विपरीत, OPS में कर्मचारियों को कोई योगदान नहीं देना पड़ता था।
कर लाभ:
एनपीएस योजना में सरकार द्वारा किए गए योगदान पर कर लाभ मिलता है, जहां कर्मचारी आयकर अधिनियम 1961 के तहत 14% तक की कटौती का लाभ उठा सकते हैं।
हालांकि, OPS में कर्मचारियों का योगदान न होने के कारण वे इस कर लाभ से वंचित रह जाते थे।
उच्च न्यूनतम पेंशन:
UPS के तहत, कम से कम 10 वर्षों की सेवा पूरी करने के बाद सेवानिवृत्ति पर न्यूनतम पेंशन राशि ₹10,000 प्रति माह निर्धारित की गई है।
इसके मुकाबले, वर्तमान में 10 साल की सेवा के बाद न्यूनतम पेंशन राशि ₹9,000 प्रति माह है।
एकमुश्त भुगतान:
UPS के तहत, कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय एकमुश्त भुगतान का विकल्प मिलता है, जो उनके मासिक वेतन और DA का 10% होता है, और हर छह महीने की सेवा पर लागू होता है।
इसके विपरीत, OPS के तहत पेंशन का 40% तक एकमुश्त राशि के रूप में लिया जा सकता है, लेकिन इससे पेंशन की कुल राशि कम हो जाती थी।
समानता: महंगाई-सूचकांकित पेंशन
हालांकि UPS और OPS में कई अंतर हैं, दोनों योजनाओं में महंगाई-सूचकांकित पेंशन की व्यवस्था मौजूद है।
OPS में, पेंशन को साल में दो बार संशोधित किया जाता था, जबकि UPS में भी यह सुविधा लागू रहेगी।
यूपीएस में, महंगाई राहत (DR) अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के अनुसार प्रदान की जाएगी।
इस प्रकार, जीवन यापन की बढ़ती लागत को देखते हुए, दोनों योजनाएं कर्मचारियों के लिए एक निश्चित सुरक्षा प्रदान करती हैं।

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