322635194 फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 25 अगस्त 2024

फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 25 अगस्त 2024

पीएम फसल बीमा योजना: फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 25 अगस्त 2024

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ-2024 के लिए बीमा कराने की अंतिम तिथि 25 अगस्त 2024 निर्धारित की गई है। किसान आधार कार्ड, भूमि बही, बैंक पासबुक और प्रीमियम जमा कर संबंधित केंद्रों में बीमा कर सकते हैं। आपदा की स्थिति में नुकसान की सूचना 72 घंटे में दर्ज कराना अनिवार्य है।



फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 25 अगस्त 2024




भोपाल, 17 अगस्त 2024: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ-2024 के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि अब 16 अगस्त से बढ़ाकर 25 अगस्त 2024 कर दी गई है। यह विस्तार उन किसानों के लिए है, जो अभी तक इस योजना का लाभ नहीं ले पाए हैं। सरकार द्वारा अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसलों के लिए ऋणी, अऋणी और डिफॉल्टर किसानों को यह बीमा कराने का अवसर प्रदान किया गया है।


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बीमा आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज

जो किसान अब तक फसल बीमा कराने से वंचित रह गए हैं, वे अपने आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, भूमि बही की छायाप्रति, बैंक खाता विवरण की छायाप्रति, और खरीफ फसल के लिए निर्धारित बीमित राशि का 2 प्रतिशत हेक्टेयर प्रीमियम संबंधित बैंक या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) में जमा कर सकते हैं। इसके बाद, वे फसल बीमा का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।




ऋणी और अऋणी किसानों के लिए बीमा व्यवस्था

  • ऋणी किसान: संबंधित बैंक शाखा द्वारा इनका बीमा अनिवार्य रूप से किया जाता है।
  • अऋणी किसान: ये किसान अपने बीमा के लिए बैंक, एमपी ऑनलाइन जन सेवा केंद्र, सीएससी, या प्राथमिक कृषि सहकारी ऋण समितियों के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।






अऋणी किसानों के लिए आवश्यक दस्तावेज

अऋणी किसानों को फसल बीमा कराने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज आवश्यक होंगे:

  • नवीनतम आधार कार्ड
  • मोबाइल नंबर
  • बैंक पासबुक जिसमें किसान का नाम, खाता संख्या, और IFSC कोड स्पष्ट हो
  • नवीनतम खसरा बी-1
  • प्रमाणित बुआई प्रमाण पत्र
  • किरायेदार किसान के लिए किरायानामा का शपथ पत्र

ये दस्तावेज निकटतम सीएससी केंद्र, बैंक, या प्राथमिक सहकारी ऋण समिति में जमा कराए जा सकते हैं।




आपदा के समय रिपोर्टिंग और सावधानियां

अधिकारियों द्वारा सभी किसानों से अपील की गई है कि अतिवृष्टि, बाढ़ जैसी आपदाओं की स्थिति में 72 घंटे के अंदर कॉल करके नुकसान की रिपोर्ट करें। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि फसल की बुआई की तिथि के बाद की ही नुकसान की तिथि दर्ज की जाए, अन्यथा दावा राशि मान्य नहीं होगी। अधिक जानकारी के लिए किसान स्थानीय कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।



प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ-2024 के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 16 अगस्त से बढ़ाकर 25 अगस्त 2024 कर दी गई है। यह तिथि बढ़ोतरी उन किसानों के लिए है जो अब तक बीमा नहीं करा पाए थे। किसानों को बीमा कराने के लिए आधार कार्ड, भूमि बही, बैंक पासबुक, और निर्धारित प्रीमियम जमा करना होगा। ऋणी किसानों का बीमा बैंक द्वारा अनिवार्य रूप से किया जाएगा, 


 


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जबकि अऋणी किसान बैंक, सीएससी, या सहकारी समितियों के माध्यम से बीमा करवा सकते हैं। आपदा की स्थिति में 72 घंटे के भीतर नुकसान की रिपोर्ट दर्ज कराना जरूरी है, अन्यथा दावा अमान्य हो सकता है। सभी किसानों को सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द बीमा कराएं और आपदा की स्थिति में सही समय पर रिपोर्टिंग करें। अधिक जानकारी के लिए स्थानीय कृषि अधिकारी से संपर्क करें।



निष्कर्ष

पीएम फसल बीमा योजना किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा प्रदान करने का महत्वपूर्ण साधन है। बढ़ाई गई अंतिम तिथि के साथ, जो किसान अब तक बीमा नहीं करा पाए हैं, वे जल्द से जल्द आवश्यक दस्तावेज जमा कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।




प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के अंतर्गत अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न:


1. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि क्या है?

  • खरीफ-2024 के लिए फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि अब 16 अगस्त से बढ़ाकर 25 अगस्त 2024 कर दी गई है। यह तिथि उन किसानों के लिए बढ़ाई गई है, जो किसी कारणवश पहले बीमा नहीं करा पाए थे।

2. फसल बीमा कराने के लिए आवश्यक दस्तावेज क्या हैं?

  • फसल बीमा कराने के लिए किसानों को आधार कार्ड, भूमि बही की छायाप्रति, बैंक पासबुक की छायाप्रति (जिसमें नाम, खाता संख्या और IFSC कोड स्पष्ट हो), प्रमाणित बुआई प्रमाण पत्र, और निर्धारित प्रीमियम राशि (2% हेक्टेयर के अनुसार) जमा करने की आवश्यकता होगी। किरायेदार किसानों के लिए किरायानामा का शपथ पत्र भी आवश्यक है।

3. आपदा के समय नुकसान की रिपोर्ट कैसे और कब करनी चाहिए?

  • किसी भी प्राकृतिक आपदा, जैसे अतिवृष्टि या बाढ़, के दौरान किसानों को 72 घंटे के भीतर नुकसान की रिपोर्ट करना जरूरी है। नुकसान की तिथि फसल की बुआई की तिथि के बाद ही दर्ज की जानी चाहिए, अन्यथा दावा राशि अमान्य हो सकती है। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने स्थानीय कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।


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