किसानों के लिए खुशखबरी: छत्तीसगढ़ सरकार के प्रस्ताव पर केंद्र ने बढ़ाई फसल बीमा की तारीख
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| छत्तीसगढ़ के ऋणी और अऋणी किसान अब 16 अगस्त तक |
छत्तीसगढ़ में फसल बीमा योजना: अब 16 अगस्त तक कर सकते हैं पंजीयन
अंतिम तिथि बढ़ी
छत्तीसगढ़ के ऋणी और अऋणी किसान अब 16 अगस्त 2024 तक खरीफ कृषि फसल एवं मौसम आधारित उद्यानिकी फसलों का बीमा करा सकेंगे। राज्य सरकार के प्रयासों के बाद केंद्र सरकार ने फसल बीमा की अंतिम तिथि को 31 जुलाई से बढ़ाकर 16 अगस्त कर दिया है। इस बदलाव का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से हुए फसल नुकसान की क्षतिपूर्ति सुनिश्चित करना है।
फसल बीमा का महत्व
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे राज्य के किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और मौसम आधारित उद्यानिकी फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करें। यह योजनाएं प्राकृतिक आपदाओं जैसे सूखा, बाढ़, जलप्लावन, ओलावृष्टि आदि से फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को राहत देने के लिए हैं।
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पंजीयन की प्रक्रिया
राज्य में कृषि विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को पंजीयन कराना जरूरी है। इसके लिए आधार कार्ड, ऋण पुस्तिका, बी-1 पॉचशाला खसरा, बैंक पासबुक की छायाप्रति और बोनी प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी। किसान बैंक अथवा चॉइस सेंटरों के माध्यम से भी फसल बीमा करा सकते हैं।
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छत्तीसगढ़ के ऋणी और अऋणी किसान अब 16 अगस्त तक |
बीमा के अंतर्गत आने वाली फसलें
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत धान सिंचित, असिंचित, सोयाबीन, मूंगफली, मक्का, मूंग, उड़द, कोदो-कुटकी, और रागी फसलों का बीमा कराया जा सकता है। ये बीमा प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की क्षतिपूर्ति प्रदान करते हैं, जिससे किसानों को वित्तीय संकट से बचाया जा सके।
अधिकृत बीमा कंपनियां
छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिलों के लिए अलग-अलग बीमा कंपनियों को अधिकृत किया गया है:
- बेमेतरा, बस्तर, कोरिया बीजापुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा, गरियाबंद, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, सक्ती और कांकेर जिले के लिए बजाज जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड
- राजनांदगांव, धमतरी, कोरबा, जशपुर, नारायणुर, खैरागढ-छुईखदान-गंडई, महासमुन्द, रायगढ़, सूरजपुर और कोण्डागांव जिले के लिए एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी ऑफ इंडिया लिमिटेड
- दुर्ग, बिलासपुर, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सुकमा, मुंगेली, सरगुजा, बलौदाबाजार-भाटापारा, बालोद, रायपुर, दंतेवाड़ा, बलरामपुर एवं गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के लिए एचडीएफसी जनरल इंश्योरेंस कम्पनी लिमिटेड
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किसानों से अपील
शासन द्वारा जारी अधिसूचना में किसानों से अपील की गई है कि वे अधिसूचित खरीफ फसलों का बीमा अवश्य कराएं। विस्तृत जानकारी के लिए किसान क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा नजदीकी बैंक शाखा से संपर्क कर सकते हैं।
निष्कर्ष
फसल बीमा योजना किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण सुरक्षा कवच है जो प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान की भरपाई करता है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार के संयुक्त प्रयासों से इस योजना की अंतिम तिथि बढ़ाकर 16 अगस्त 2024 कर दी गई है, जिससे अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें। सभी किसानों से अनुरोध है कि वे निर्धारित तिथि तक अपना पंजीयन कराएं और इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएं।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
फसल बीमा योजना के लिए अंतिम तिथि क्या है?
फसल बीमा योजना के लिए अंतिम तिथि 16 अगस्त 2024 है।
अंतिम तिथि पहले कब थी और अब क्यों बढ़ाई गई है?
अंतिम तिथि पहले 31 जुलाई 2024 थी। इसे बढ़ाकर 16 अगस्त 2024 किया गया है ताकि अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले फसल नुकसान की क्षतिपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
फसल बीमा योजना का उद्देश्य क्या है?
फसल बीमा योजना का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक आपदाओं जैसे सूखा, बाढ़, जलप्लावन, ओलावृष्टि आदि से हुए फसल नुकसान की क्षतिपूर्ति प्रदान करना है।
फसल बीमा के लिए पंजीयन कैसे किया जा सकता है?
फसल बीमा के लिए पंजीयन कराने के लिए आधार कार्ड, ऋण पुस्तिका, बी-1 पॉचशाला खसरा, बैंक पासबुक की छायाप्रति और बोनी प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। पंजीयन बैंक अथवा चॉइस सेंटरों के माध्यम से भी कराया जा सकता है।
कौन-कौन सी फसलें बीमा के अंतर्गत आती हैं?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत धान सिंचित, असिंचित, सोयाबीन, मूंगफली, मक्का, मूंग, उड़द, कोदो-कुटकी, और रागी फसलों का बीमा कराया जा सकता है।


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